Wednesday, 5 October 2022
शांति का नोबेल पुरस्कार जीतने की रेस में दो भारतीय चल रहे आगे
ओस्लो: दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित नोबेल शांति पुरस्कार का शुक्रवार को नार्वे की राजधानी ओस्लो में ऐलान किया जाएगा। रायटर्स के सर्वेक्षण के मुताबिक इस साल जिन लोगों के नाम सबसे ऊपर चल रहे हैं, उनमें भारत की फैक्ट चेकिंग वेबसाइट अल्ट न्यूज के संस्थापक प्रतीक सिन्हा और मोहम्मद जुबैर भी शामिल हैं। नोबेल शांति पुरस्कार के विजेता का चयन नार्वे के नोबल समिति के 5 सदस्यों की ओर से किया जाएगा। इन सभी पांचों सदस्यों की नियुक्ति नार्वे की संसद ने की है। भारत के प्रतीक सिन्हा और मोहम्मद जुबैर के अलावा विश्व स्वास्थ्य संगठन, म्यांमार की राष्ट्रीय एकता सरकार, बेलारूस की विपक्षी नेता सवितलाना भी शामिल हैं।अमेरिकी पत्रिका टाइम ने प्रतीक सिन्हा और मोहम्मद जुबैर के बारे में लिखा है, 'पत्रकार प्रतीक सिन्हा और मोहम्मद जुबैर फैक्ट चेकिंग वेबसाइट अल्ट न्यूज के संस्थापक हैं। ये दोनों ही भारत में फर्जी सूचनाओं का खुलासा करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। सिन्हा और जुबैर सुव्यवस्थित तरीके से सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों और फेक न्यूज पर विराम लगा रहे हैं।' जुबैर को एक विवादित ट्वीट करने के आरोप में जून महीने में अरेस्ट किया गया था। हालांकि बाद में उन्हें कोर्ट से जमानत मिल गई।
नोबेल शांति पुरस्कार की स्थापना साल 1895 में स्वीडन के केमिस्ट अल्फ्रेड नोबेल ने किया था। अल्फ्रेड नोबेल ने ही डायनामाइट की खोज की थी। दुनिया में नोबेल शांति पुरस्कार को सबसे प्रतिष्ठित सम्मान माना जाता है। इस पुरस्कार को उस व्यक्ति को दिया जाता है जिसने 'मानवता के लिए सबसे हितकारी काम किया है।' पर्यावरण के लिए काम करने वाले चर्चित कार्यकर्ता ग्रेटा थर्नबर्ग भी इस पुरस्कार के प्रबल दावेदारों में शामिल हैं। भारत में नोबेल शांति पुरस्कार विजेता लोगों में मिशनरीज ऑफ चैरटीज की मदर टेरेसा और कैलाश सत्यार्थी शामिल हैं।
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