Sunday, 29 January 2023
फ्रॉड को राष्ट्रवाद की आड़ में छुपा नहीं सकते:अडानी के' राष्ट्र पर हमला' वाले जवाब के बाद बोला हिंडनवर्ग
भारत की बेटियों नें अंडर 19 महिला टी 20 विश्वकप फाइनल जीतकर रचा इतिहास
भारतीय महिला टीम ने रविवार को पोटचेफ्सट्रूम में अंडर 19 टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल में इंग्लैंड को 7 विकेट से हराकर इतिहास रच दिया. भारत महिला अंडर-19 वर्ल्ड कप का खिताब जीतने वाला पहला देश बन गया. टीम इंडिया ने अपने तीन विकेट गवांकर 69 रन के टारगेट को 14 ओवर में हासिल किया. जिसमें सौम्या तिवारी (नाबाद 24) और गोंगाडी त्रिशा (24) ने सबसे ज्यादा रन बनाए. जबकि इंग्लैंड के लिए स्टोनहाउस, स्क्रिवेंस और बेकर ने एक-एक विकेट चटकाए.
इससे पहले, भारतीय गेंदबाजों के असाधारण प्रदर्शन से इंग्लैंड की टीम खिताबी मुकाबले में 17.1 ओवर में 68 रन ऑलआउट हो गई. जिसमें रयान मैकडोनाल्ड गे 19 रन बनाकर अपनी टीम की टॉप स्कोर्र रही. भारत के लिए टीतास संधु, अर्चना देवी और पार्शवी चोपड़ा ने दो-दो विकेट लिए. जबकि शैफाली वर्मा, मन्नत कश्यप और सोनम यादव ने एक-एक शिकार किए.
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय महिला सीनियर टीम के साथ दो वर्ल्ड कप और एक राष्ट्रमंडल खेलों के फाइनल का हिस्सा रह चुकी शेफाली वर्मा
ने कप्तानी करते हुए ट्रॉफी जीतकर एक बड़ी उपलब्धि अपने नाम की है.Friday, 27 January 2023
के आई टी एम कालेज में कवियों ने बाँधा शमा
क्षेत्र की सम्मानित हस्तियों के साथ डायनेस्टी में मनाया गया गणतंत्र दिवस व देवी सरस्वती का पर्व
Thursday, 26 January 2023
खटीमा में हर्षोल्लास से मनाया गया गणतंत्र दिवस व बसंत पंचमी पर्व
Monday, 23 January 2023
भगत दा वाकई राजनीति से सन्यास लेंगे या मामला कुछ और है?
नई दिल्ली : महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने पीएम मोदी को पत्र लिखा है. उन्होंने अपने इस पत्र में पीएम से अनुरोध किया है कि वो उन्हें सभी राजनीतिक जिम्मेदारियों से मुक्त कर दें. राज्यपाल कोश्यारी का यह फैसला राजनीति के जानकारों के लिए हैरान करने वाला है. बता दें कि कुछ दिन पहले महाराष्ट्र के विपक्षी दलों ने कोश्यारी पर कथित तौर पर पक्षपात करने का आरोप लगाया था.
राजभवन द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि राज्यपाल कोश्यारी ने अपना शेष जीवन पढ़ने, लिखने और अन्य कामों में इत्मीनान से बि
ताने की इच्छा जताई है.कोश्यारी ने मीडिया को दिए एक बयान में कहा कि महाराष्ट्र जैसे महान राज्य - संतों, समाज सुधारकों और बहादुर सेनानियों की भूमि के राज्य सेवक या राज्यपाल के रूप में सेवा करना मेरे लिए पूर्ण सम्मान और सौभाग्य की बात थी
वहीं बीते कुछ माह पूर्व उत्तराखंड दौरे के समय विभिन्न नेताओं और निर्दलीय विधायक तक से मुलाकात करने वाले भगत दा का अचानक राजनीति से विदाई की बात करना आसानी से हजम होने वाली बात नहीं है।
Friday, 20 January 2023
बदल जायेगा सोशल मीडिया पर प्रचार का तरीका, भ्रामक विज्ञापनों पर कसेगी नकेल
नई दिल्ली : सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भ्रामक विज्ञापनों पर नकेल कसने के लिए उपभोक्ता मामलों के विभाग ने शुक्रवार को एक सख्त गाइडलाइन्स जारी किया है. इसके तहत अब सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर कंपनियों का प्रोडक्ट इंडोर्समेंट करने वाले हर सेलिब्रिटी, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर या वर्चुअल इन्फ्लुएंसर को ये बताना अनिवार्य होगा कि उन्होंने पैसे लेकर किसी प्रोडक्ट का प्रचार किया है या उस प्रोडक्ट के इंडोर्समेंट में उनका कोई निजी कमर्शियल या फाइनेंशियल इंटरेस्ट शामिल है.उपभोक्ता मामलों के सचिव रोहित कुमार सिंह ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, " कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट के अधीन हमने गाइडलाइन जारी किए हैं. कोई भी गलत तरीके से सोशल मीडिया पर व्यापार नहीं कर सकता है.इसके तहत भ्रामक विज्ञापनों को रोकने के लिए हमने गाइडलाइंस जारी किए हैं, जो कंज्यूमर हैं उन्हें यह डिस्क्लोजर दिया जाना चाहिए कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लोग पैसे लेकर विज्ञापन करते हैं".
सिंह ने कहा कि नई गाइडलाइन्स के तहत अब हर सेलिब्रिटी, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और वर्चुअल इन्फ्लुएंसर को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर प्रमुखता से बताना होगा की ये प्रोडक्ट इंडोर्समेंट 'पेड' है या 'पेड प्रमोशन' है. अगर वो किसी प्रोडक्ट का वीडियो जारी कर उसका इंडोर्समेंट करते हैं तो उन्हें पूरे वीडियो में ये बात साफ़ शब्दों में लिखनी होगी.
ये नियम किसी प्रोडक्ट इंडोर्समेंट की लाइव स्ट्रीमिंग पर भी लागू होगी. इसके साथ ही, प्रोडक्ट इंडोर्समेंट और पेड कंटेंट का डिसक्लोजर की भाषा भी एक होनी चाहिए.अगर कोई सेलिब्रिटी या सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नए गाइडलाइन्स का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी. रोहित कुमार ने कहा, " इस कानून में प्रावधान है कि सेलिब्रिटी को गाइडलाइन्स का उल्लंघन करने पर सीमित समय के लिए किसी भी प्रोडक्ट को इंडोर्स करने से रोका जा सकता है. इतना ही नहीं, उनपर पेनाल्टी लगाई जा सकती है. इसके तहत उन्हें 6 महीने से 2 साल तक प्रोडक्ट इंडोर्स करने से रोका जा सकता है और 10 लाख से 50 लाख तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है".
ये नई गाइडलाइन्स शुक्रवार से ही पूरे देश में लागू कर दी ग
ई हैं. अब कोई भी सोशल मीडिया यूजर या उपभोक्ता नियमों का उल्लंघन होने पर इसकी शिकायत सेंट्रल कंस्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी से कर सकेगा.Thursday, 19 January 2023
नर्मदेश्वर मंदिर का वार्षिक कार्यक्रम संपन्न
ओंकार सिटी जयपुर हल्द्वानी में गुरुवार 19 जनवरी 2023 को नर्मदेश्वर मंदिर का वार्षिक कार्यक्रम बड़े हर्षोल्लास से मनाया, जिसमें लगभग 450 से भी अधिक श्रद्धालुओं ने विशाल भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया गया. इस कार्यक्रम में सुबह से गणेश पूजन हवन कन्या पूजन के पश्चात विशेष कार्यक्रम के तहत 90 वर्षों से भी अधिक आयु वर्ग के जिसमें श्रीमती हेमा तिवारी श्री मोहन सिंह बिष्ट, श्री नारायण जोशी श्रीमती शांति देवी श्री कृष्ण चंद्र पंत श्री गोविंद अस्वाल, श्रीमती देवकी आदि सहित कुल 9 लोगों को माल्यार्पण एवं दुशाला से सम्मानित किया गया. इस कार्यक्रम में स्थानीय जनता एवं जनप्रतिनिधियों के साथ ही मेयर डॉक्टर जोगिंदर सिंह रौतेला ने भी प्रतिभाग कर इस कार्यक्रम का प्रसाद ग्रहण किया कार्यक्रम में मुख्य रूप से आम जनमानस में सद्भाव एवं लोक कल्याण की भावना से सभी के मंगल की कामना की गई कार्यक्रम समिति में विजय तिवारी, मोहन सिंह बिष्ट मदन बिष्ट हेम जोशी , शंकर सिंह देवड़ी,आरसी पुरोहित कुंदन अधिकारी, उत्तम नाथ जयसवाल, पान सिंह बोरा, सतीश तिवारी के अतिरिक्त महिला टीम के मुख्य रूप से दुर्गा तिवारी, नीमा गोस्वामी , प्रेमा तिवारी, गीता पांडे, चंपा तिवारी, लक्ष्मी, विमला, ममता त्रिपाठी सहित कई महिलाओं द्वारा भजन कीर्तन नृत्य किया गया।Tuesday, 17 January 2023
आज होगा इन राज्यों में चुनाव का ऐलान
Monday, 16 January 2023
उत्तराखंड के इस रेसलर आबकारी अधिकारी ने राष्ट्रीय प्रतियोगिता में जीता पदक
खटीमा में क्षेत्रीय आबकारी अधिकारी के तौर पर पूर्व में सेवाएं दे चुके तथा वर्तमान में रानीखेत के क्षेत्र 2 क्षेत्रीय आबकारी अधिकारी बलजीत सिंह ने चंडीगढ़ के मनीमाज़रा में 11 से 15 जनवरी तक आयोजित होने वाली ऑल इंडिया सिविल सर्विसेज रेसलिंग प्रतियोगिता में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करते हुए 79 किलोग्राम भार वर्ग में रजत पदक जीता है, इस सफलता के बाद बलजीत सिंह को राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने का अवसर मिलेगा। बलजीत पूर्व में भी अनेक राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पदक जीत चुके हैं।Sunday, 15 January 2023
स्थापना दिवस पर बुजुर्गो को सम्मानित करेगी मंदिर समिति
Thursday, 12 January 2023
जोशीमठ खत्म नहीं हो रहा,केवल 25 फीसदी घरों में हैं दरारें:धामी
Wednesday, 11 January 2023
आफत: जोशीमठ के बाद अब टिहरी गढ़वाल और चंबा में भी मंडराया खतरा, दरकने लगे कई मकान
देहरादून : प्रदेश में जोशीमठ के बाद अब कई जिलों से भी इमारतों में मोटी दरारें पड़ने की खबरें आ रही हैं. टिहरी जिले के चंबा में मकानों और भवनों में दरारें आई हैं. यहां 20 से 30 मकानों की दीवारों में दरारें पड़ चुकी हैं. कुछ जगहों पर जमीन भी धंसने की खबरें हैं. इससे पहले कर्णप्रयाग में भी मकानों में दरारें आई हैं. भूस्खलन के डर से स्थानीय लोगों ने बुधवार को सरकार से इस मुद्दे पर संज्ञान लेने और आवश्यक कार्रवाई करने की अपील की है.
स्थानीय लोगों ने सूचित किया कि टिहरी झील से सटे गांवों में भूस्खलन हो रहा है और चंबा सुरंग के ऊपर और पास के घरों में दरारें बढ़ गई हैं, जिससे आधा दर्जन से अधिक परिवार खतरे में हैं. दरअसल, ऑल वेदर प्रोजेक्ट के तहत चंबा में 440 मीटर लंबी सुरंग का निर्माण किया गया है. सुरंग बनने के बाद चंबा के मुख्य बाजार के घरों में दरारें दिखाई देने लगी हैं.
इधर, जोशीमठ में चल रहे भू-धंसाव के मामले में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपातकालीन कैबिनेट बैठक बुलाई है. उत्तराखंड सचिवालय में 13 जनवरी दोपहर 12 बजे सीएम धामी की अध्यक्षता में आपातकालीन कैबिनेट बैठक शुरू होगी. इस बैठक में जोशीमठ आपदा में पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजा राशि और अन्य प्रकार की व्यवस्थाओं को लेकर फैसला होगा.
Thursday, 5 January 2023
बनफूलपुरा प्रकरण: हाईकोर्ट के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक, राज्य सरकार से भी पूछे सवाल
नई दिल्ली : उत्तराखंड के हल्द्वानी में अतिक्रमण पर फिलहाल बुलडोजर नहीं चलेगा. सुप्रीम कोर्ट ने इस पर रोक लगाते हुए नोटिस जारी कर रेलवे और उत्तराखंड सरकार से जवाब मांगा है. कोर्ट ने कहा कि आप सिर्फ 7 दिनों में खाली करने के लिए कैसे कह सकते हैं? हमें कोई प्रैक्टिकल समाधान ढूंढना होगा. समाधान का ये यह तरीका नहीं है. जमीन की प्रकृति, अधिकारों की प्रकृति, मालिकाना हक की प्रकृति आदि से उत्पन्न होने वाले कई कोण हैं, जिनकी जांच होनी चाहिए.
सुप्रीम कोर्ट ने उस जमीन पर आगे के निर्माण कार्य और विकास कार्य पर रोक लगाई है. सात फरवरी को इस मामले में अगली सुनवाई होगी.
जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस अभय एस ओक की बेंच ने इस केस की सुनवाई की. याचिकाकर्ताओं की ओर से कॉलिन गोंजाल्विस ने बहस की. उन्होंने हाईकोर्ट के आदेश के बारे में बताया और कहा कि ये भी साफ नहीं है कि ये जमीन रेलवे की है. हाईकोर्ट के आदेश में भी कहा गया है कि ये राज्य सरकार की जमीन है. इस फैसले से हजारों लोग प्रभावित होंगे.सुप्रीम कोर्ट ने रेलवे की ओर से पेश ASG ऐश्वर्या भाटी से पूछा कि क्या रेलवे और राज्य सरकार के बीच जमीन डिमार्केशन हुई है? वकील ने कहा कि रेलवे के स्पेशल एक्ट के तहत हाईकोर्ट ने कार्रवाई करके अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया है. ASG ऐश्वर्या भाटी ने कहा कि कुछ अपील पेंडिंग हैं, लेकिन किसी भी मामले में कोई रोक नहीं है. रेलवे की जमीन पर 4365 अवैध निर्माण हैं.
कोर्ट ने कहा कि आप केवल 7 दिनों का समय दे रहे हैं और कह रहे हैं कि खाली करो. ये मानवीय मामला है. सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड सरकार से भी पूछा कि लोग 50 सालों से रह रहे हैं, उनके पुनर्वास के लिए भी कोई योजना होनी चाहिए.
सामाजिक कार्यकर्ता और वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण की ओर से इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में औपचारिक उल्लेख किए जाने के बाद चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस एसए नजीर और पीएस नरसिम्हा की पीठ ने कहा था कि इस पर गुरुवार को सुनवाई होगी. प्रदर्शनकारी एक ऐसे क्षेत्र में कार्रवाई के लिए बीजेपी सरकार को दोषी ठहरा रहे हैं, क्योंकि यहां के अधिकांश निवासी मुस्लिम हैं. सामाजिक कार्यकर्ता और नेता भी विरोध प्रदर्शन में शामिल हो गए हैं.
Monday, 2 January 2023
सुप्रीम कोर्ट का एक और बड़ा फैसला, जनप्रतिनिधियों की अभिव्यक्ति या बोलने की आजादी पर कोई अतिरिक्त पाबंदी की जरूरत नहीं
नई दिल्ली : बोलने की आजादी को लेकर संविधान पीठ ने अहम फैसला देते हुए कहा है कि राज्य या केंद्र सरकार के मंत्रियों, सासंदों/ विधायकों व उच्च पद पर बैठे व्यक्तियों की अभिव्यक्ति और बोलने की आजादी पर कोई अतिरिक्त पाबंदी नहीं लगाई जा सकती. संविधान के अनुच्छेद 19 में पहले से ही व्यापक प्रावधान है. आपराधिक मामलों में सरकार या उसके मामलों से संबंधित मंत्री द्वारा दिया गया बयान सरकार का बयान नहीं माना जा सकता. किसी नागरिक के मौलिक अधिकार की सकारात्मक रूप से रक्षा करना सरकार का कर्तव्य है. भले ही एक गैर- राज्य एक्टर द्वारा उल्लंघन किया गया हो.
जस्टिस एस अब्दुल नजीर, जस्टिस भूषण आर गवई, जस्टिस एएस बोपन्ना, जस्टिस वी राम सुब्रमण्यम और जस्टिस बी वी नागरत्ना का संविधान पीठ की ओर से फैसला सुना गया है. जस्टिस रामासुब्रमियम ने बहुमत के इस फैसले को सुनाया. हालांकि बेंच में शामिल जस्टिस बी वी नागरत्ना ने अपना अलग फैसला सुनाया. जस्टिस नागरत्ना ने साफ किया कि जनप्रतिनिधियों पर आर्टिकल 19(2) में दिये गए वाजिब प्रतिबंध के अलावा अतिरिक्त पाबंदी नहीं लगाई जा सकती है. मंत्री का बयान सरकार का बयान माना जाए या नहीं- इस पर उनका विचार अलग था. उनका कहना है कि मंत्री निजी और आधिकारिक दोनों हैसियत से बयान दे सकते है. अगर मंत्री निजी हैसियत से बयान दे रहा है तो ये उनका व्यक्तिगत बयान माना जायेगा. लेकिन अगर वो सरकार के काम से जुड़ा बयान दे रहा है तो उसका बयान सरकार का सामूहिक बयान माना जा सकता है। दरअसल, बुलंदशहर गैंग रेप मामले में आजम खान के विवादित बयान पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रहा था. आजम ने इस घटना को सिर्फ राजनीतिक साजिश करार दिया था. हालांकि खान ने कोर्ट से बिना शर्त माफी मांग ली थी. कोर्ट ने माफीनामा मंजूर भी कर लिया था. तब कोर्ट ने कहा भी था कि बोलने की आजादी के नाम पर क्या आपराधिक मामलों में सरकार के मंत्री या जनप्रतिनिधि नीतिगत मामलों और कानून के विपरीत बयान देना उचित है?
सुनवाई के दौरान एमाइकस क्यूरी हरीश साल्वे ने कहा था कि मंत्री संविधान के प्रति जिम्मेदार है और वह सरकार की पॉलिसी और नीति के खिलाफ बयान नहीं दे सकता.
गौरतलब है कि बुलंदशहर गैंग रेप मामले में यूपी के पूर्व मंत्री आजम खान ने विवादास्पद बयान दिया था बाद में आजम खान ने अपने बयान के लिए बयान के लिए बिना शर्त माफी मांग ली थी जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया था. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने कई संवैधानिक सवाल उठाए जिनका परीक्षण किया जाना था. ये याचिका भी 2016 में ही कौशल किशोर बनाम उत्तर प्रदेश सरकार के नाम से दाखिल की गई थी.