Friday, 30 June 2023
दुःखद। बस में आग लगने से 26 लोगों की मौत
बुलढाणा: महाराष्ट्र के बुलढाणा में समृद्धि महामार्ग एक्सप्रेसवे पर 32 यात्रियों को ले जा रही एक बस में आग लगने से अब तक 26 लोगों की मौत हो गई और कई घायल हो गए. बुलढाणा के डिप्टी एसपी बाबूराव महामुनि ने बताया कि घायलों को बुलढाणा सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है. मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मृतकों के परिवार को 5 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है. बस का ड्राइवर सुरक्षित है, उसने बताया कि टायर फटने के कारण बस अनियंत्रित होकर पलट गई. इसके बाद बस में आग लग गई. ऐसे में बहुत सारे लोगों को आग लगने के बाद बस से बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला.
दुर्घटनाग्रस्त बस विदर्भ ट्रेवल्स की थी. अनियंत्रित होने के बाद बस दरवाजे की तरफ ही पलटी, इसलिए किसी को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला. जो लोग बचे वो ड्राइवर की तरफ केबिन में थे, वे शीशा तोड़कर बाहर निकले. इनमें से से भी 4 लोग जख्मी हैं बताया जा बस नागपुर से पुणे की तरफ जा रही थी. इस दौरान बुलढाणा के सिंदखेड़राजा के पास बस में आग लगी. प्राथमिक जानकारी में यह सामने आया है कि बस में 33 लोग सवार थे. बस में जब आग लगी, तब यात्री सो रहे थे. जब तक यात्री खतरे को भांप पाते, तब तक आग बहुत बढ़ चुकी थी. इसी वजह से कई लोगों की मौत बस में हो हुई. बस में आग रात डेढ़ बजे के करीब लगी.
जिले के एसएसपी सुनील कडासने ने बुलढाणा बस आग में 26 की मौत की पुष्टि की है. बस में कुल 33 यात्री सवार थे, जिनमें से 25 की मौत हुई है. इस आग की चपेट में आने से 8 लोग बच गए, इसमें ड्राइवर भी शामिल है. ड्राइवर ने बताया कि बस का एक टायर फट जाने से वाहन एक खंभे से टकराने के बाद डिवाइडर से टकरा गया और उसमें आग लग गई.. ए
सएसपी ने बताया कि इस एक्सीडेंट को लेकर एक केस दर्ज कर लिया गया है और जांच शुरू कर दी गई है. हालांकि, हमारी प्राथमिकता अभी शवों की पहचान कर उन्हें परिवार के सदस्यों को सौंपना है.पत्नी और बेटी के सामने ही गंगा में बह गए कृषि विभाग के अधिकारी
उत्तराखंड के देवप्रयाग संगम पर स्नान करते हुए पैर फिसलने से हरियाणा के कृषि विभाग में संयुक्त निदेशक गंगा में बह गए। रेस्क्यू टीमें उनकी तलाश में जुटी हैं, लेकिन कोई पता नहीं चल पाया।प्राप्त विवरण के अनुसार हरियाणा के कृषि विभाग में संयुक्त निदेशक और चंडीगढ़ निवासी जगराज डांडी (54) अपनी पत्नी नीता व बेटी के साथ बीते बुधवार को ऋषिकेश घूमने आए थे।
यहां से बृहस्पतिवार को जगराज परिवार के साथ देवप्रयाग पहुंचे। अलकनंदा व भागीरथी के संगम तट पर स्नान करते हुए एक पत्थर पर डांडी ने जैसे ही पैर रखा, तो उनका पैर फिसल गया और वह गंगा के तेज बहाव में बह गए। यह मंजर देख पत्नी व बेटी बदहवासी में जोर-जोर से चिल्लाने लगीं। यह देखकर संगम पर स्नान करने वाले लोगों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। इसके बाद थाना देवप्रयाग पुलिस, जल पुलिस श्रीनगर, एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंची और खोजबीन शुरू कीं, लेकिन देरशाम तक जगराज का कोई पता नहीं चल पाया। पति को आंखों के सामने बहता देखने के बाद नीता का रो-रोकर बुरा हाल है। बेटी भी घटना के बाद से ही सहमी हुई है।
Monday, 26 June 2023
लचर स्वास्थ्य व्यवस्था और जाम ने ली मनीष की जान !
Sunday, 25 June 2023
दिन व रात ही नहीं अलग अलग घंटो के हिसाब से भी अलग अलग भुगतान करना होगा बिजली बिल का
केंद्र सरकार देश में अब Electricity Bill तय करने के लिए नया नियम लागू करने जा रही है. इसके बाद उपभोक्ता दिन के समय में बिजली बिल में 20 फीसदी तक की बचत कर सकते हैं. लेकिन रात के समय में ग्राहकों 10 से 20 फीसदी तक अधिक बिजली बिल का भुगतान करना पड़ सकता है. इसके लिए बिजली (ग्राहकों के अधिकार) नियम, 2020 में अवश्यक संशोधन कर टाइम ऑफ डे (TOD) टैरिफ की व्यवस्था लागू की जाएगी.
दिन भर एक ही दर पर बिजली बिल देने की जगह उपभोक्ता दिन के अलग-अलग समय के हिसाब से अलग-अलग बिजली के लिए शुल्क देंगे. इस तरह वो अपनी बिजली की खपत को मैनेज कर आसानी से बिजली बिल बचा सकेंगे. TOD की व्यवस्था लागू होने से बिजली की पीक ऑर्वस में उपभोक्ता कपड़े धोने और खाना पकाने जैसे अधिक बिजली खपत वाले कामों को करने से परहेज कर सकेंगे. इससे वो बिजली बिल में बचत कर पाएंगे. लेकिन रात के समय में एसी या अन्य इलेक्ट्रिक चीजों का इस्तेमाल करने पर अधिक बिजली बिल देना पड़ेगा. ये व्यवस्था अप्रैल 2024से लागू होगी।
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर करंट लगने से महिला की मौत, रेलवे और पुलिस जांच में जुटी
नई दिल्ली: नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के नजदीक बारिश की वजह से हुई वाटर लॉगिंग में करंट दौड़ने से साक्षी आहूजा नाम की महिला की मौत हो गई. महिला पति के साथ कहीं जाने के लिए ट्रेन पकड़ने रेलवे स्टेशन पहुंची थी. जिस जगह से महिला गुजर रही थी, वहां भरे पानी में बिजली की तारे डूबी हुई थी. जिसमे करंट दौड़ रहा था. इसी की चपेट में आने से महिला की दर्दनाक मौत हो गई. फिलहाल इस मामले में रेलवे और पुलिस की जांच जारी है.
जानकारी के मुताबिक, साक्षी आहूजा नाम की महिला सुबह करीब साढ़े 5 बजे नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंची थी. इस दौरान महिला के साथ 2 महिलाएं और 3 बच्चे थे. साक्षी को भोपाल शताब्दी से जाना था. रात से ही तेज़ बारिश हो रही है. ऐसे में पानी से बचने के लिए महिला ने बिजली के खंभे को पकड़ लिया उसी दौरान महिला को तेज करंट लगा. हालांकि वहां मौजूद लोगों ने महिला को बचाने की कोशिश भी की और उसे अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन महिला को बचाया नहीं जा सका.
बताया जा रहा है कि जो खंबा लगा था उस पर जो तारें थी वो खुली हुई थी. उसी के चलते महिला को करंट लगा. महिला दिल्ली के प्रीत विहार की रहने वाली है. फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच की जा रही है कि आखिरकार इसमें किसकी लापरवाही थी.
Wednesday, 21 June 2023
कुमाऊं में हुई भीषण सड़क दुर्घटना, 9लोगों की मौत की सूचना
उत्तराखंड में कुमाऊं से बड़ी दुर्घटना की खबर आ रही है मिल रही जानकारी के मुताबिक बागेश्वर के सामा से पिथौरागढ़ जिले के अंतर्गत आने वाले होकरा मंदिर में पूजा के लिए लोगों को लेकर जा रही एक जीप होकरा के निकट सड़क से पलट कर रामगंगा नदी में गिरने की सूचना है। वाहन में सवार दस में से नौ लोगों की मौत की प्रारंभिक सूचना है।सूचना मिलते ही नाचनी थाने से पुलिसए तेजम से राजस्व दल और आपदा राहत दल मौके को रवाना हो चुके है। घटनास्थल अति दुर्गम क्षेत्र है। पुलिस और प्रशासन की टीम पहुंची मौके पर। मेडिकल व एनडीआरएफ की टीम भी मौके पर। होकरा के युवा भी बचाव कार्य में लगे हैं।खाई से शवों को रेस्क्यू करने का कार्य जारी है। मंदिर दर्शन के लिए जा रहे ये सभी लोग बागेश्वर के रहने वाले है।Friday, 9 June 2023
क्रिप्टो ट्रेडिंग करते करते इस्लाम का कट्टर समर्थक बन गया वैभव
प्रदेश में कथित लव जेहाद की धुंआधार खबरों के बीच एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है डोईवाला कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत गढ़वाली कॉलोनी में रहने वाले हिंदू परिवार में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है जहां घर का एक युवा सदस्य 4 साल से कमरा बंद करके नमाज पढ़ता आ रहा था। पता लगने पर परिजनों द्वारा पुलिस को इस संबंध में सूचना दी गई। वही देहरादून के एसएसपी दिलीप सिंह कुमार का कहना है कि जानकारी में पता लगा है कि युवक डिप्रेशन का शिकार है और उसने ऑनलाइन माध्यमों से इस्लाम धर्म के संबंध में जानकारियां जुटाकर यह कार्य शुरू किया है, बल्कि कई मुस्लिम धर्मगुरुओं को फॉलो भी कर रहा था। फिलहाल किसी भी तरह की और सामाजिक गतिविधियों से युवक का कनेक्शन नहीं पाया गया है।बताया जा रहा है कि, वह अपने कमरे में रहकर ही मोबाइल सोशल मीडिया पर क्रिप्टो ट्रेडिंग के दौरान विभिन्न ऑन लाईन ग्रुपों के जरिए इस्लाम धर्म के प्रभाव में आकर अनुयाई बना है। वह पांच बार की नमाज पढ़ता है और केवल खाना खाने के दौरान ही कमरे से बाहर आने पर भी वह इस्लाम की तारीफ और मूल धर्म के प्रति अनर्गल बातें करता है पिता द्वारा टोके जाने पर वह उनसे भी भिड़ जाता था।
पुलिस के अनुसार युवक की मानसिक स्थिति को देखते हुए उसका मेडिकल चेकअप कराने के बाद उससे आगे की पूछताछ कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।उधर, इस मामले में देहरादून SSP दलीप सिंह कुँवर ने बताया कि डोईवाला गढ़वाली कॉलोनी में रहने वाला 24 वर्षीय वैभव बिजल्वाण लगभग साढ़े तीन साल से अपने कमरे में बंद रहकर ही मोबाइल सोशल मीडिया के माध्यम से इस्लाम धर्म का अनुयाई बना हुआ है।
Tuesday, 6 June 2023
दूध में मिलाया था पानी, 42साल बाद गिरफ्तार हुआ 90साल का बुजुर्ग, सुप्रीम कोर्ट से लगाई गुहार
नई दिल्ली: भैंस के दूध में मिलावट के 42 साल पुराने मामले में गिरफ्तार किए गए 90 साल के बुजुर्ग ने सुप्रीम कोर्ट में न्याय की गुहार लगाई है बुजुर्ग ने खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम के तहत अपनी दोषसिद्धि और 2000 रुपये के साथ छह महीने की सजा को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. खास बात ये है कि एक दशक पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ये सजा सुनाई थी, जिस पर अब अमल किया गया है.
इलाहाबाद हाईकोर्ट के 2013 के एक फैसले के आधार पर 90 वर्षीय वीरेंद्र कुमार को पिछले महीने गिरफ्तार किया गया, क्योंकि उन्होंने कोर्ट के फैसले के 30 दिनों के भीतर सजा काटने के लिए आत्मसमर्पण नहीं किया था. उनके वकील अजेश कुमार चावला ने मंगलवार को जस्टिस अनिरुद्ध बोस और जस्टिस राजेश बिंदल की एक अवकाशकालीन पीठ के सामने मामले को उठाया.
पीठ ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ उनकी अपील लंबित और जमानत के लिए याचिका पर बुधवार को सुनवाई करेंगे. ये भी खास ही बात है कि हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के फैसले के लगभग 26 साल बाद दोषसिद्धि को बरकरार रखा था.
वीरेंद्र कुमार को 7 अक्टूबर, 1981 को फूड इंस्पेक्टर द्वारा पतला दूध बेचते हुए पाया गया था. उस समय वह 48 साल के थे और उन्होंने बस कंडक्टर होने का भी दावा किया था. खुर्जा न्यायिक मजिस्ट्रेट ने 29 सितंबर, 1984 को पीएफए अधिनियम के तहत दोषी ठहराया. इसे 14 जुलाई, 1987 को बुलंदशहर सेशन कोर्ट ने बरकरार रखा था. ट्रायल कोर्ट के आदेश के खिलाफ अपील को 30 जनवरी 2013 को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बरकरार रखा था.
फूड इंस्पेक्टर द्वारा लिए गए नमूनों के अनुसार, दूध मिलावटी था. क्योंकि वसायुक्त ठोस पदार्थ मानक से 28% कम थे और गैर-वसायुक्त ठोस मानक से 12% कम थे. वीरेंद्र कुमार ने ट्रायल कोर्ट के सामने दलील दी थी कि वह एक बस कंडक्टर थे और दूध बेचने के व्यवसाय में नहीं थे. 7 अक्टूबर, 1981 को वह धार्मिक उद्देश्यों के लिए दूध ले जा रहे थे.ट्रायल कोर्ट के रिकॉर्ड में मौजूद सबूतों की जांच के बाद इस निष्कर्ष पर पहुंचा कि ग्राम किर्यावली से कल्याणपुर के बीच की दूरी लगभग 19 किलोमीटर है. यह विश्वास नहीं किया जा सकता कि कोई भी व्यक्ति केवल धार्मिक उद्देश्यों के लिए दूध लेने के लिए 38 किलोमीटर की यात्रा करेगा.
जब अभियुक्त के वकील ने हाईकोर्ट के समक्ष दलील दी कि मामला 42 साल पुराना है और वह पहले से ही 90 वर्ष का है, तो हाईकोर्ट ने दोषसिद्धि को बरकरार रखा, लेकिन सजा को घटाकर छह महीने कर दिया. जुर्माने की राशि 2000 रुपये बरकरार रखी गई. अदालत ने दोषी को 30 दिनों के भीतर आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया. ऐसा नहीं करने पर निचली अदालत से गैर-जमानती वारंट जारी करने को कहा गया था.
हाईकोर्ट द्वारा फैसला सुनाए जाने के एक दशक से भी अधिक समय बीतने के बाद पिछले महीने वारंट तामील किए गए और उन्हें महीने की सजा काटने के लिए हिरासत में ले लिया गया था. वीरेंद्र कुमार के वकील अजेश कुमार चावला ने कहा है बुजुर्ग गंभीर रूप से बीमार हैं. उन्हें इलाज के लिए जमानत पर रिहा करने की जरूरत है.